Latest News: हेल्पलाईन 044-27 28 22 23 या 9444 96 17 23 या 944 50 666 26 "एडवांस पंचगव्य थेरेपी" हेतु सभी विस्तार केंद्र के लिए ऑनलाइन नामांकन॰ राशि केवल ऑनलाइन ( Admission ) या DD (Panchgavya Vidyapeetham के नाम से॰) (DD Payment Details) से जमा करें॰ प्रत्येक केंद्र में केवल 25 सीटें. योग्यता-10वीं या 12वीं,॰ mail: admission@panchvidya.org ग्रीष्मकाल परीक्षा – 16 जून, 23 जून, 7 जुलाई और 14 जुलाई से शुरू होगा। अपने विस्तार केन्द्र से संपर्क करें।

gomata

हमारा नारा

1) गोमाता से निरोगी भारत
2) गोमाता से असाध्य नहीं कोई रोग.

हमारा लक्ष्य

भारत के सभी जिलों में पंचगव्य चिकित्सा केंद्र एवं पंचगव्य चिकित्सा शिक्षा की उपलब्धता.

आइये ! साथ मिल कर बढ़ें ! आइये ! राष्ट्र निर्माण के इस यज्ञ में साथ आइये ! पंचगव्य विद्यापीठम एक शैक्षणिक आन्दोलन है, भारतीय चिकित्सा विधा को भारत में फिर से स्थापित करने के लिए. पंचगव्य विद्यापीठम के प्रयास से लुप्त हो गयी "नाडी और नाभि विज्ञान" फिर से पुनर्जीवित हो रही है. गौमाता के गव्यों (गोमय, गोमूत्र, क्षीर, दधी, मक्खन, छाछ, घी, भस्म, गोस्पर्श) से भारत की अर्थव्यवस्थता ऊंची उठेगी – भारत समृद्ध बनेगा। भारत के लोगों का स्वास्थ्य सुधरेगा – भारत में श्रम बढ़ेगा। गव्यों के सेवन से युवा पीढ़ी का मन बदलेगा – राष्ट्रियता कूट-कूट कर भरेगी। भारतीय कृषि नैसर्गिक होगी – देसी बीज बचेगा, उत्पादन बढ़ेगा। भारत भूमि में जिस दिन फिर से 100 करोड़ गोमाता हो गयी – फिर से श्रीरामचन्द्र, श्रीकृष्णचन्द्र जैसे पुरुषोत्तम, महानतम योद्धा पैदा लेकर सृष्टि का उद्धार करेंगे। इसलिए गोमाता को उपयोगी, लाभकारी बनाकर उसकी रक्षा करने की भूमिका में आयें।

आइये ! राष्ट्र निर्माण के इस यज्ञ में साथ मिल कर बढ़ें !

पंचगव्य चिकित्सा महासम्मेलन, जो अमर बलिदानी राजीव भाई के जन्म दिवस (कल भैरव अष्टमी) पर प्रति वर्ष अलग – अलग प्रदेशों में आयोजित किया जाता है. यह स्वदेशी के विचार पर भारत को एक सूत्र में जोड़ने का प्रयास है. पहला प्रयास चेन्नै में हुआ. २) महाराष्ट्र के सांगली में हुआ. ३) गुजरात के द्वारिका में हुआ ४) राजस्थान के पुष्कर में हुआ. ५) हरियाणा के कुरुक्षेत्र में हुआ और ६) केरल के कलडी में छठा महासम्मेलन (२८-३० नवम्बर २०१८) को संपन्न हुआ.

अलग – अलग प्रदेश, भाषाओं की विविधता, भोजन की विविधता, भूषा की विविधता फिर भी भारत के २३ प्रदेशों के हजारों गव्यसिद्धर एक मंच पर. प र. दर्जन भर स्वर्ण पदक – गव्यसिद्धर के कार्य की उत्कृष्टता के लिए. प्रति वर्ष पंचगव्य पर नए शोध, नई दिशाएं प्रदान करता हुआ एक मंच. जहाँ गोपालक से लेकर वैज्ञानिक तक मिल कर कार्य करते हैं. प्रतिवर्ष पंचगव्य चिकित्सा पर "गव्यसिद्ध बुलेटिन" का प्रकाशन., प्रतिवर्ष छाया ज्ञान चित्र का प्रकाशन. आदि बहुत कुछ. (Read more...)

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Members

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Doctors

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पंचगव्य विद्यापीठम

पंचगव्य विद्यापीठम, पंचगव्य गुरुकुलम समूह के अंतर्गत संचालित स्वतंत्र इकाई है. जिसके अन्तर्गत भारत के सभी जिलों में पंचगव्य चिकित्सा केंद्र और पंचगव्य चिकित्सा शिक्षा शुरु करने की योजना पर स्वावलंबी रूप से कार्य चल रहा है.

पंचगव्य गुरुकुलम ने वर्ष 2011 में पंचगव्य आधारित चिकित्सा पाठ्यक्रम शुरू किया था। वर्ष 2013 में पहली बार पंचगव्य को एक स्वतंत्र चिकित्सा थेरेपी के रूप में भारत सेवक समाज के साथ मिलकर स्थापित कर पंजीकृत करवाया. आज भारत में लगभग 3000 पंचगव्य डॉक्टर "गव्यसिद्ध" बनाने का श्रेय पंचगव्य विद्यापीठम, पंचगव्य गुरुकुलम समूह को ही जाता है. प्रतिवर्ष विद्यापीठम के अंतर्गत 500 सौ से अधिक पंचगव्य डॉक्टर "गव्यसिद्ध" तैयार हो रहे हैं. इन डॉक्टरों को "गव्यसिद्ध डॉक्टर" से संबोधित किया जाता है. जो की पंचगव्य गुरूकुलम द्वारा पंजीकृत उपाधि है. इस नाम को किसी दुसरे संसथान द्वारा उपयोग करना कानूनन अपराध होगा.
पंचगव्य गुरुकुलम का नया परिसर बन कर तैयार हो रहा है. जिसमें कई विभाग होंगे.

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Graduation - Panchgavya

GRADUATION (+)

पंचगव्य में उच्च शिक्षा प्राप्त करने की सुविधा.
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Library (+)

भारतीय पौराणिक ग्रंथों का अध्धयन के लिए संग्रह.
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University (+)

विश्व स्तरीय शिक्षा की सुविधा.
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Examinations (+)

परीक्षा विभाग.
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Projects (+)

नई गोशाला के निर्माण के लिए योजना विभाग.
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Studies (+)

नई पीढ़ी को भारतीय पौराणिक तकनीकी ज्ञान में दक्ष बनाने के लिए गुरुकुल.
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Discussion (+)

शोध केंद्र.
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Supportive (+)

नई गोशाला एवं पंचगव्य केंद्र के निर्माण में तकनीकी सलाह केंद्र.
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Ideas (+)

भारत को गो आधारित विकाश के लिए नए रास्ते तैयार करना.

गव्यसिद्धाचार्य
निरंजन वर्मा

गुरुकुलपति, पंचगव्य गुरूकुलम

ऊँची दृष्टि

सूर्य योगी उमाशंकर 

Healthy Biotic Life

Our body contains 9 things - 5 physical elements & 3 types of energy and 1 is sole. Soil represent by Gau Mai. Jal represent by Cheer, Vayu represent by Gau Mutram, Fire represent by Ghee & Sky represent by Thakr.

Along with Organic food grains fruits and vegetable supplies three energies Brahm Urja, Vishnu Urja and Shiv Urja

प्रेरणा-सपना

अ.ब.राजीव भाई दीक्षित

आदर्श

महर्षि वागभट्ट

पंचगव्य डॉक्टर "गव्यसिद्ध"

Panchgavya Doctor's "Gavyasiddh"

गव्यसिद्ध Gavyasiddh
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