गर्भ चिकित्सा विज्ञानम, जी .एम्.एस.

गव्यसिद्ध डॉक्टर दूसरे डॉक्टरों से भिन्न हैं क्योंकि गव्यसिद्ध डॉक्टर केवल बिमारियों के लिए ही चिकित्सा सेवा प्रदान नहीं करते बल्कि रोगियों के कल्याण एवं उनकी मनः स्थिति को धयान में रखते हुए उच्चतम जीवन शैली की परिकल्पना के साथ बिना भेद – भाव के सेवाएं प्रदान करते हैं.

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पाठ्यक्रम (Syllabus)

दिनचर्या (How It Works)

7 दिनों के सत्र में 6 विषयों पर उच्चत्तर शिक्षा. 

दिनचर्या इस प्रकार होगी –

  • (क) प्रात: 4 बजे से पंचमहाभूत पूजा।
  • (ख) 4.30 बजे से 7.30 तक प्रात: कक्षा, इसके बाद अल्पाहार - मोटे अनाज का दलिया।
  • (ग) 9 से 12 बजे परीक्षा, इसके बाद भोजन - चावल, दाल/कड़ी, सब्जी आदि।
  • (घ) 2 बजे से 5 बजे तक प्रायोगिक परीक्षा, इसके बाद सायं भोजन।
  • (च) रात्रि "रिविजन" कक्षा 7 बजे से 9 बजे रात्रि तक।

गव्यसिद्धाचार्य (Gavyasiddh)

सेवारत्न गव्यसिद्धाचार्य 

डॉक्टर निरंजन भाई वर्मा
अभियांत्रिकी, स्नातक (गणित)
एम.ए.(अपभ्रंश), एम.डी.(पंचगव्य), एम.डी.(सेल थेरेपी), एडवांस आयुर्वेदिक थेरेपिस्ट (तमिलनाडु सरकार), एफ.आर.एच.एस., एफ.डब्लू.एस.ए.एम.

प्रश्न एवं उत्तर (Faqs)

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