panchgavya mahasammelanam
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प्रखर वक्ता भाई राजीव दीक्षित ने अपनी ओजस्वी वाणी से विभिन्न ज्वलंत विषयो पर अपनी बातों को इतनी दृढ़ता व विशेष अंदाज मे प्रस्तुत करते थे कि सुनने वाला हमेशा के लिए उनसे प्रभावित हो जाता है ।

भाई राजीव दीक्षित ने अपने व्याख्यान मे जिन महत्वपूर्ण विषयो को लिया है वे इस प्रकार है – मौत का व्यापार ( विदेशी कंपनियो कि करतूत ), ग्रेट मिस्टेक (देश के नेताओ कि भूले), भारत की गुलामी की निशानिया, बिना दवाई और डॉक्टर के कैसे स्वास्थ्य रहे आदि है ।
समस्त विजिटरों से विनम्र अपील है कि वे इन विडियो/आडियो को एक बार अवश्य सुने तथा अपनी प्रतिक्रिया ब्लॉग पर जा कर अवश्य लिखे ।

Panchgavya Gurukulum

पंचगव्य विद्यापीठम.
भारतीय पौराणिक तकनीकी ज्ञान को समर्पित गुरुकुलीय विश्वविद्यालय.
हमारा नारा: 1) गोमाता से निरोगी भारत 2) गोमाता से असाध्य नहीं कोई रोग.
हमारा लक्ष्य: भारत के सभी जिलों में पंचगव्य चिकित्सा केंद्र एवं पंचगव्य चिकित्सा शिक्षा की उपलब्धता.
आइये ! साथ मिल कर बढ़ें ! आइये ! राष्ट्र निर्माण के इस यज्ञ में साथ आइये ! पंचगव्य विद्यापीठम एक शैक्षणिक आन्दोलन है, भारतीय चिकित्सा विधा को भारत में फिर से स्थापित करने के लिए. पंचगव्य विद्यापीठम के प्रयास से लुप्त हो गयी "नाडी और नाभि विज्ञान" फिर से पुनर्जीवित हो रही है. गौमाता के गव्यों (गोमय, गोमूत्र, क्षीर, दधी, मक्खन, छाछ, घी, भस्म, गोस्पर्श) से भारत की अर्थव्यवस्थता ऊंची उठेगी – भारत समृद्ध बनेगा। भारत के लोगों का स्वास्थ्य सुधरेगा – भारत में श्रम बढ़ेगा। गव्यों के सेवन से युवा पीढ़ी का मन बदलेगा – राष्ट्रियता कूट-कूट कर भरेगी। भारतीय कृषि नैसर्गिक होगी – देसी बीज बचेगा, उत्पादन बढ़ेगा।

https://panchgavya.org/

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